सीवीड (Seaweed) आधारित उत्पादों को आमतौर पर भारत में 'Bio-stimulants' की श्रेणी में रखा जाता है। भारत सरकार ने Fertiliser (Inorganic, Organic and Mixed) (Control) Amendment Order, 2021 के माध्यम से बायो-स्टिमुलेंट्स के लिए नए नियम और पैरामीटर निर्धारित किए हैं।
यहाँ सीवीड आधारित उत्पादों (Seaweed Extract/Oil) के लिए मुख्य FCO पैरामीटर्स और उनकी विशेष खूबियों (Special Features) का विवरण दिया गया है:
1. FCO मानक: सीवीड आधारित बायो-स्टिमुलेंट्स के लिए (Schedule VI)
चूंकि सीवीड 'ऑयल' या 'एक्सट्रैक्ट' के रूप में होता है, इसके परीक्षण के लिए निम्नलिखित पैरामीटर्स अनिवार्य हैं:
| पैरामीटर (Parameters) | मानक सीमा (Standard Limits) |
| Physical State | तरल (Liquid) या ठोस (Solid/Powder) |
| pH (1% solution) | 6.0 से 8.0 |
| Arsenic (As) | अधिकतम 0.5 mg/kg |
| Cadmium (Cd) | अधिकतम 0.5 mg/kg |
| Lead (Pb) | अधिकतम 5.0 mg/kg |
| Mercury (Hg) | अधिकतम 0.1 mg/kg |
| Moisture Content | तरल उत्पादों के लिए उत्पादक द्वारा घोषित (वैरिएशन ±5% से अधिक नहीं) |
नोट: FCO के अनुसार, सीवीड आधारित उत्पादों में भारी धातुओं (Heavy Metals) की जांच सबसे महत्वपूर्ण है ताकि मिट्टी की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
2. सीवीड ऑयल/एक्सट्रैक्ट की विशेष खूबियाँ (Special Features)
सीवीड (विशेषकर Sargassum या Ascophyllum nodosum) के तेल या अर्क में कई प्राकृतिक तत्व होते हैं जो साधारण उर्वरकों में नहीं मिलते:
प्राकृतिक प्लांट हार्मोन्स: इसमें Auxins, Cytokinins और Gibberellins प्रचुर मात्रा में होते हैं, जो पौधों की कोशिका विभाजन (Cell division) और वृद्धि को बढ़ाते हैं।
तनाव सहने की शक्ति (Stress Resistance): यह पौधों को सूखे (Drought), अत्यधिक ठंड और बीमारियों से लड़ने की शक्ति देता है।
सूक्ष्म पोषक तत्वों का खजाना: इसमें मैग्नीशियम, कैल्शियम, सल्फर के साथ-साथ सूक्ष्म पोषक तत्व (Trace elements) जैसे जिंक, बोरॉन और आयरन प्राकृतिक रूप से उपलब्ध होते हैं।
जड़ों का विकास: सीवीड ऑयल के इस्तेमाल से सफ़ेद जड़ों (White Roots) का विकास बहुत तेजी से होता है, जिससे पौधा मिट्टी से पोषक तत्व बेहतर सोख पाता है।
मिट्टी का स्वास्थ्य: इसमें मौजूद Alginic Acid मिट्टी के कणों को बांधने और नमी रोकने की क्षमता में सुधार करता है।
3. उपयोग और लाभ (Usage & Benefits)
फोलियर स्प्रे (Foliar Spray): पत्तियों पर छिड़काव करने से फल और फूलों का झड़ना कम होता है और उनकी चमक बढ़ती है।
बीज उपचार (Seed Treatment): बीजों के अंकुरण (Germination) की दर को बढ़ाने के लिए इसका उपयोग किया जाता है।
फल की गुणवत्ता: यह फलों के आकार, रंग और उनमें शुगर की मात्रा (Brix Level) को सुधारने में मदद करता है।
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